October 14, 2021

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बिहार में सरकारी स्कूलों की बड़ी पहल:कोरोना काल में स्कूल से बच्चों का मोह हुआ भंग, खेल-खेल में बच्चों का शिक्षा का मोल बता रहे शिक्षक

कोरोना काल में टूटी शिक्षा की कड़ी को जोड़ने का काम किया जा रहा है। दो साल से पटरी से उतरी व्यवस्था से सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ा है। स्कूल तो खुल गए लेकिन बच्चों की उपस्थिति बढ़ नहीं रही है। मुश्किल से 40 प्रतिशत बच्चे आ रहे हैं। इस विकट परिस्थिति में बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए कई सरकारी स्कूल पहल कर रहे हैं। बच्चों को खेल खेल में शिक्षा का मोल बताने के लिए स्कूलों में अलग-अलग एक्टिविटी की जा रही है। शिक्षा विभाग भी ऐसे स्कूलों को मॉडल बताकर अन्य स्कूलों को ऐसा करने की प्रेरणा दे रहा है।

बच्चों को खुशकर अच्छा बनाने का प्रयास

भागलपुर जिले के गोराडीह में स्थित प्राथमिक विद्यालय छोटी जमीन का वीडियो इन दिनो खूब शेयर हो रहा है। शिक्षा विभाग के साथ शिक्षा से जुड़े कई सोशल मीडिया प्लेटफार्म तेजी से शेयर हो रहे इस वीडियो में दिखाया गया है कि विद्यालय के सामने एक टीचर इंजन बनकर बच्चों को रेल के डिब्बे की तरह जोड़कर दौड़ा रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए टीचर्स ऑफ बिहार ने कहा है कि बच्चों को अच्छा बनाने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि उन्हें खुश रखा जाए।

खेल खेल में पढ़ाया जा रहा पाठ

समस्तीपुर के खानपुर रतनी चौक स्थित प्राथमिक विद्यालय गजपुर के बच्चों को खेल खेल में पाठ पढ़ाया जा रहा है। स्कूल का वीडियो भी खूब शेयर हो रहा है। वीडियो में बच्चों को खेल खेल में पढ़ाया जा रहा है। टीचर परमानंद सहनी का कहना है कि गतिविधियों से ही शिक्षण कार्य किया जा रहा है जिससे बच्चों में स्कूल के प्रति रुचि बढ़े। कोरोना काल में स्कूलों में बच्चों के आने का क्रम कम हो गया था। टीचर का कहना है कि इससे बच्चों में फिजिकल एक्टिवटी होती है जिससे संक्रमण का खतरा भी कम होगा।

सड़क सुरक्षा को लेकर बच्चों की एक्टिविटी

सड़क सुरक्षा को लेकर भी बच्चों से एक्टिविटी कराई जा रही है। शिक्षा विभाग के मुताबिक बांका के बाराहाट में सिरमाटीकर प्राथमिक विद्यालय, बेगूसराय के वीरपुर उत्तर माध्यमिक विद्यालय मखवा, भागलपुर के बिहपुर में स्थित मध्य विद्यालय जमालपुर और गोपालगंज के सिधवलिया में स्थित उत्तर मध्य विद्यालय कबीरपुर में भी बच्चों को सड़क सुरक्षा की एक्टिविटी काफी पसंद आई। सरकारी स्कूलों के लिए यह एक मॉडल है जिसका प्रयोग कर बच्चों को स्कूलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार का कहना है कि कोरोना काल में शिक्षा व्यवस्था को भारी नुकासन हुआ है। इससे बच्चों के शिक्षा का स्तर बिगड़ा है। इसे पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए एक्टिविटी के साथ कई ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं जिससे बच्चों को स्कूल लाया जा सके। सरकारी स्कूलों में बच्चों की एक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।