January 23, 2022

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बिहार में अब सिर्फ जमीन का नहीं, नक्शे का भी होगा दाखिल-खारिज

बिहार सरकार राज्य के रैयतों को तोहफा देने जा रही है। अब जमीन की बिक्री होने पर न सिर्फ रैयत के नाम में परिवर्तन होगा, बल्कि बिक्री के मुताबिक जमीन का नक्शा भी बदल जाएगा। इस तरह दस्तावेज के साथ ही नक्शे का भी दाखिल खारिज होगा।

बिहार विधानसभा ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रामसूरत कुमार द्वारा पेश किए गए ‘बिहार भूमि दाखिल खारिज (संशोधन) विधेयक, 2021 को स्वीकृति प्रदान कर दी। नए प्रावधान लागू होने के बाद बिहार अब दाखिल खारिज के साथ नक्शा देने वाला देश का पहला राज्य हो जाएगा।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम सूरत कुमार ने इस अधिनियम के विधानसभा से पारित होने को भूमि विवादों को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। इस विधेयक में संशोधन को लेकर कांग्रेस के अजीत शर्मा, राजद के ललित यादव व संयुक्त प्रवर समिति के अजय कुमार सिंह ने प्रस्ताव दिया जिसे अस्वीकृत कर दिया गया।

भूमि सुधार मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन म्यूटेशन (दाखिल खारिज) का प्रावधान भी एक दिसंबर, 2017 को लागू हुआ था, आज भी एक दिसंबर है, यह महत्वपूर्ण है। दाखिल खारिज में पहले नक्शे का म्यूटेशन नहीं होता था, अब नक्शा का भी म्यूटेशन होगा। किसी जमीन की बिक्री की जाएगी तो उसे डिजिटल मैप पर देखा जा सकेगा कि कौन किसी जमीन का कौन सा भूखंड बिक चुका है।

पुश्तैनी संपत्ति का बंटवारा कर जब जमाबंदी कायम करेंगे तो उसका नक्शा भी बन जाएगा। इससे आने वाले समय में विवाद कम होगा और फर्जी विक्रेताओं पर नकेल कसेगी। खरीदार पहले चेक कर सकेगा कि वह भूखंड बचा हुआ है बिका नहीं है। अधिनियम के पारित होने पर विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि स्पेशियल म्युटेशन पूर्णतः तकनीक आधारित है।

नई व्यवस्था से होगा लाभ

– जमीन के दस्तावेज में नाम परिवर्तन के साथ प्लॉट का नक्शा (स्पेटियल मैप) फोटो के साथ ही, खाता, खेसरा और रकबा भी फोटो में होगा़।

– इससे छोटे- से- छोटे जमीन के टुकड़े का क्रय- विक्रय कितनी भी बार हो चौहद्दी का विवाद नहीं होगा़।

– अभी दाखिल- खारिज में जमीन क्रय होने पर केवल नये खरीदार का नाम, खाता, खेसरा और रकबा ही दर्ज रहता है़। चौहद्दी का जिक्र न होने से विवाद की संभावना बनी रहती है़। नये सर्वे के बाद म्यूटेशन की पूरी प्रक्रिया ‘ टेक्सटुअल एंड स्पेटियल डाटा इंट्रीग्रेशन आफ लैंड रिकॉर्ड’ आधारित हो जायेगी़। रजिस्ट्री के साथ ही ऑनलाइन दाखिल- खारिज के साथ ही नक्शा भी अपडेट हो जायेगा।

– इससे उनलोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो जमीन खरीदने और दाखिल खारिज कराने के बावजूद खरीदी गई जमीन पर दखल कब्जा के लिए भटकते रहते हैं।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमाधारी/ डिग्रीधारी अभ्यार्थियों का जिलावार पैनल राजस्व विभाग द्वारा तैयार किया जायेगा। इस प्रकार से चयनित विशेषज्ञों/ एजेंसी द्वारा दाखिल खारिज पूर्व रेखाचित्र का निर्माण किया जायेगा।

इस काम के लिए रैयतों को शुल्क का भुगतान करना होगा। जिसका निर्धारण भी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा किया जायेगा। निबंधन कार्यालयों में जमीन के पंजीकरण के समय प्री.म्युटेशन स्केच रैयत द्वारा निबंधन कार्यालय को उपलब्ध कराया जायेगा। इसे पंजीकृत दस्तावेज के साथ संलग्न कर ऑनलाइन दाखिल खारिज हेतु संबंधित अंचल कार्यालय को उपलब्ध कराया जायेगा। अंचलाधिकारी द्वारा म्युटेशन के पश्चात विहित प्रपत्र में शुद्धि पत्र के अलावा अनुमोदित दाखिल खारिज प्री.म्युटेशन स्केच की प्रति भी आवेदक को दी जायेगी।