October 14, 2021

Mookhiya

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जलजमाव से क्षेत्र में रहने वाले लोगो ने किया विरोध प्रर्दशन

बच्चों और पुरुषों की टाेली का सड़क पर विरोध प्रदर्शन। वार्ड पार्षदाें, नगर निगम प्रशासन और अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रति खरी-खाेटी सुनाते लाेग। …इस बार वोट मांगने आएंगे, तो नेताजी को लोगों का जवाब मिलेगा। चार माह से पानी में डूबे हुए हैं, कोई भी देखने वाला नहीं। पानी सड़ने के कारण दुर्गंध से सबका जीना मुहाल हो गया है। अधिकारियों को भी समस्या के समाधान से कोई मतलब नहीं है। नारेबाजी- निगम प्रशासन हाय-हाय…।

दृश्य दो। स्थान मोतीझील फ्लाईओवर के नीचे स्थित बाजार। समय दोपहर करीब एक बजे। स्थानीय निवासियाें-काराेबारियाें के साथ एसयूसीआई नेताओं-कार्यकर्ताओं की टाेली। यहां भी वजह वही चार माह से अधिक से जलजमाव। इसके कारण कारोबार चाैपट हाेना। बीमारी फैलना। निगम प्रशासन के पास इससे निजात का ठाेस विकल्प नहीं हाेना। इससे लाेगाें में बढ़ता आक्राेश। प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी।

निगम क्षेत्र में अब भी 7 वार्ड से अधिक के इलाकों में बारिश का पानी जमा है। वार्ड 11 से 14 तक के दाउदपुर काेठी, सिकंदरपुर कुंडल, सिकंदरपुर स्लम बस्ती, सीढ़ीघाट मुक्तिधाम से लगता इलाका, अखाड़ाघाट, कर्पूरी नगर, आश्रमघाट, लकड़ीढाई और चंदवाड़ा घाट (वार्ड 16 व 45 के इलाके), मिठनपुरा दास काॅलाेनी और हाजी काॅलाेनी की मुख्य सड़क, आमगाेला से लगते पड़ाव पाेखर और पंखा टाेली इलाके, आमगाेला ब्रिज का मुंहाना, वार्ड 35 में रज्जू साह लेन के साथ चंद्रलोक चाैक से टेक्निकल चाैक बीच हालात बेहद खराब हैं। जबकि, मानसून लगभग बीत चुका है। शनिवार की सुबह हल्की बारिश के सप्ताह भर से अधिक से वर्षा बंद है। फिर भी पानी निकासी में नगर निगम का अमला विफल है। लिहाजा प्रभावित लाेगाें का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।

मोतीझील में कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान
एसयूसीआई के नगर सचिव अरविंद कुमार ने कहा कि नगर निगम प्रशासन अविलंब मोतीझील इलाके से पानी निकासी के उपाय करे। निगम के पास अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। उससे नालों की सफाई हो सकती है। फिर भी नगर निगम पानी की निकासी नहीं करा पा रहा है। लिहाजा लाेगाें काे सड़क पर उतरना पड़ रहा है।

शहर के सबसे प्रमुख बाजार की इस स्थिति के कारण कारोबारियों काे करोड़ों का नुकसान हाे रहा है। दुकानें बंद हाेने से कामगारों के सामने राेजी-राेटी का संकट है। उल्लेखनीय है कि तीन सप्ताह पहले मोतीझील के कारोबारियों ने भी पूर्व वार्ड पार्षद त्रिभुवन राय उर्फ टुल्लू राय की मौजूदगी में विरोध प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल ने निगम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। फिर भी समाधान नहीं हुआ।