October 22, 2021

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बिहार में कन्हैया फैक्टर ने बिगाड़ा आरजेडी-कांग्रेस का रिश्ता, विधानसभा उपचुनाव में आरपार के हालात

बिहार में महागठबंधन (Mahagathbandhan) के आधार राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) एवं कांग्रेस (Congress) हैं, लेकिन दोनों की दोस्‍ती में अब कन्‍हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) के कारण खटास आ गई है। कन्हैया के कांग्रेस में आने के बाद से अचानक सहजता खत्म हो गई है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) अपने उत्तराधिकारी तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) के रास्ते में कोई अवरोध नहीं चाहते हैं। बीते लोकसभा चुनाव (Lok Shabha Election) में भी आरजेडी ने कन्हैया के खिलाफ अपना प्रत्याशी उतारकर यही संदेश दिया था। अब कन्हैया के कांग्रेस में आ जाने का असर आरजेडी में साफ देखा जा रहा है।

उपचुनाव की सीटों को ले आरजेडी व कांग्रेस में दरार

बिहार विधानसभा उपचुनाव की दो सीटों को लेकर महागठबंधन में आरजेडी और कांग्रेस के रिश्तों में दरार आ गई है। दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में अपने-अपने प्रत्‍याशी देने की घोषणा कर दी है। आरजेडी ने अपने प्रत्याशियों कुशेश्वर स्थान से गणेश भारती और तारापुर से अरुण कुमार शाह के नाम की घोषणा भी कर दी है। आरजेडी का दावा है कि यह फैसला कांग्रेस आलाकमान से बातचीत के बाद किया गया है, लेकिन बिहार में कांग्रेस ने भी अपने प्रत्‍याशी देने की घोषणा कर दी है।

 बिहार में कन्‍हैया को चेहरा बनाना चाहती है कांग्रेस

हाल ही में कन्‍हैया कुमार ने भारतीय कम्‍युनिस्‍ट पार्टी (CPI) को छोड़कर कांग्रेस का हाथ पकड़ लिया। कन्‍हैया को कांग्रेस बिहार में अपना चेहरा बनाना चाहती है। इसका सीधा असर आरजेडी व महागठबंधन के नेता तेजस्‍वी यादव पर पड़ेगा। दोनों युवा हैं, दोनों की अपनी-अपनी छवि है। बड़ी बात यह कि कन्‍हैया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ बड़ा चेहरा माना जाता है। ऐसे में बिहार में कन्‍हैया व तेजस्‍वी में तुलना तो होगी हीं। आरजेडी ऐसा नहीं चाहता है। ऐसे में आश्‍चर्य नहीं कि कन्‍हैया के कांगेस में आते हीं आरजेडी नेताओं के सुर बदल गए हैं। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव नहीं चाहते कि बिहार कांग्रेस में तेजस्‍वी के मुकाबले का कोई युवा नेता सामने आए। आरजेडी नेता मृत्युजंय तिवारी कहते हैं कि तेजस्वी पहले से स्थापित नेता हैं, उनसे किसी की तुलना नहीं हो सकती है।